पिता के गर्भ से हुए उत्पन्न मांधाता को देवराज इंद्र ने पिलाया था दूध, आज भी दूध की उम्मीद से छोटे बच्चे चूंसते हैं अपना अंगूठा
इस मंदिर में माँ के दर्शन के लिए रोज आता है भालुओं का परिवार, भालुओं को देखने के लिए उमड़ती है भारी भीड़