
किडनी हमारे शरीर का एक बहुत ही महत्वपूर्ण और भीतरी अंग होता है जो कि कई कार्य करता है जैसे – रक्त को साफ करना, विषाक्त पदार्थो को शरीर से बाहर निकालना, यूरिन का निर्माण करना, आवश्यक मिनरल्स को अवशोषित करना।
भारत ही नही बल्कि पूरे संसार में किडनी की समस्या से जूझ रहे अधिकतर मरीजों के लिए डायलिसिस जिंदगी का जरिया है। एलोपैथी में किडनी की समस्या के उपचार के लिए सीमित विकल्प को देखते हुए पारंपरिक चिकित्सा पद्धति के विशेषज्ञों ने दावा किया है कि सावधानी से भोजन करने और पुनर्नवा का सेवन बीमारी के बढ़ने की गति को धीमी कर सकती है और बीमारी के लक्षणों से निजात दिला सकती है।
आपकी आदतें आपकी किडनी को नुकसान पहुंचा सकती हैं हमारे शरीर में खून साफ करना, हार्मोन बनाना, मिनरल का अवशोषण, यूरीन बनाना, टॉक्सिन्स निकालना और एसिड का संतुलन बनाए रखने जैसे सारे जरूरी काम किडनी करती है।
इससे आप समझ ही गए होंगे कि किडनी हमारे शरीर का कितना महत्वपूर्ण हिस्सा है। लेकिन अनजाने में आपकी कुछ आदतें आपकी किडनी को नुकसान पहुंचा देती हैं। आईए जाने All Ayurvedic के माध्यम से किडनी को नया जीवन देने वाले घरेलू उपचार के बारे में।
किडनी के रोग के लिए घरेलू उपचार :
किडनी के कोशों की फिर से बनाए : पूनर्नवा जिसको सटोडी की सब्जी भी बोलते हे ये तो अद्भुत चमत्कारी है। इसके सेवन मात्र से मरे हुए किडनी के कोशों की फिर से नव जीवन प्रदान करती है इसलिए इस का नाम पुनर्नवा है।
एक नए अध्ययन के मुताबिक, किडनी की समस्या से जूझ रही एक महिला को पुनर्नवा से बनाया गया सीरप एक महीने तक दिया गया, जिससे उनके रक्त में क्रिएटिनिन और यूरिया का स्तर स्वस्थ स्तर पर आ गया।
हर्बल एक्सपर्ट दीपक आचार्य का कहना है, पुनर्नवा का पौधा एक ऐसा पौधा है जो हर वर्ष फिर से नया हो जाता है, इसलिए इसे पुनर्नवा कहा जाता है। इसका प्रयोग पेशाब की रुकावट और गुर्दे से संबंधित बीमारियों में फायदेमंद होता है।
पुर्ननवा की ताजी जड़ों का रस (2 चम्मच) दो से तीन माह तक लगातार दूध के साथ सेवन करने से वृद्ध व्यक्ति भी युवा की तरह महसूस करता है। वैसे आदिवासी पुर्ननवा का उपयोग विभिन्न विकारों में भी करते हैं, इसके पत्तों का रस अपचन में लाभकारी होता है।
क्रिटनिन और यूरिया वृद्धि, गुर्दे या किडनी फेल होने पर : नीम और पीपल की छाल को बराबर मात्रा में पीसकर अलग-अलग रख लें। दोनों में से 1-1 चम्मच मात्रा लेकर 400 मिलीलीटर पानी में उबाल लें। उबालने पर 100 मिलीलीटर पानी बाकी रहने पर इस पानी को छानकर सुबह-शाम भूखे पेट रोजाना पीने से यूरिया व क्रिटनिन में होने वाली वृद्धि कम हो जाती है।
किडनी की किसी भी समस्या का समाधान : 50 ग्राम मककई (भुट्टे के बाल फ़ोटो में देखे) के ऊपर के बाल ले लीजिये (जो मककई को धक दिया करते हे वो बाल) और 2 लीटर पानी मे उबाल दीजिये हल्के आग पे जब पानी एक लीटर शेष रह जाए वो पानी पूरे दिन मे थोड़े थोड़े अंतराल मे पी लीजिये आपकी किडनी की किसी भी समस्या का समाधान हो जाएगा। सूझ हो या बीमारी सब ठीक होना ही है।
किडनी को ख़राब होने से बचाने वाले आहार :
धनिया : धनिया का सेवन करना बहुत ही अच्छा होता है क्योंकि यह पूरे शरीर के लिए लाभकारी होती है। इसका नियमित सेवन करने से किडनी स्टोन जैसे रोग को दूर किया जा सकता है। साथ ही यह किडनी को भी साफ रखने का कार्य करती है। पेट की समस्याओं के लिए भी बहुत फ़ायदेमंद होती है।
धनिये के सेवन के लिए एक मुट्ठी धनिया ले और इसे अच्छी तरह धो ले। इसके बाद एक बर्तन में एक लीटर पानी ले और उसे गर्म होने के लिए रख दे। जब पानी अच्छी तरह गर्म हो जाए तो उसमे घनिए के छोटे छोटे टुकड़े डाल दे। फिर धनिये को मिनट तक पकने से। अब पानी को ठंडा करके छान ले। इसके बाद इस पानी को प्रति दिन काली पेट पीये। यूरिन के जरिये सारे विषाक्त पदारत बाहर निकल जाते है।
लहसुन : लहसुन में एंटीऑक्सिडेंट तत्व होते हैं जो सूजन को कम करने में सहायता करते हैं। लहसुन का रस किडनी की रीपरफ्यूजन – प्रेरित चोटों को रोकने में मदद करता है।
अदरक : किडनी के कार्य को सुचारु रूप से चलाने के लिए अदरक बहुत ही अच्छा होता है। अदरक संचार प्रणाली को सही रखने, किडनी में रक्त प्रवाह करने रक्त को साफ करने का कार्य करता है। इसके अलावा भी आप हल्दी, अंजीर, प्याज, जामुन, दही, ऑलिव आयल को भी अपने आहार में शामिल कर सकते है।
यह भी किडनी को साफ रखने का कार्य करते है। यदि आप चाहे तो इन आहार के सेवन से साथ जूस का भी सेवन कर सकते है जूस भी किडनी को साफ रखने में अपनी अहम् भूमिका निभाते है।
गाजर : गाजर में विटामिन A पाया जाता है जो की किडनी को फ़िल्टर करने का कार्य करता है जिससे विषाक्त पदार्थो को बाहर निकालने में मदद मिलती है।
साथ ही मूत्र पथ के संक्रमणों से भी निजात दिलाने में मदद करता है। यह पेक्टिन क्रिएटिनिन के स्तर को भी कम करता है, जो कि गुर्दे की एक कार्यप्रणाली है जिसके अधिक होने से किडनी पर तनाव बढ़ता है।
सेब : सेब आपकी किडनी के लिए सिर्फ अच्छे नहीं होते हैं बल्कि यह प्रारंभिक अवस्था में किडनी की बीमारी के समग्र दुष्प्रभाव को भी कम कर सकते हैं।
वे पेक्टिन का एक अच्छा स्रोत होता है जो कि एक घुलनशील फाइबर होता है और यह कोलेस्ट्रॉल और ग्लूकोज के स्तर को कम कर सकता है। मस्तिष्क कोशिकाओं की भी रक्षा करता है।





